Thursday, July 21, 2011

दुनिया के परे दुनिया है विज्ञान की चुनौती

दुनिया के परे दुनिया है विज्ञान की चुनौती (Challenges of Science : Extra Terrestrial Intelligence , ReBirth/ReIncarnation, Parallel Universe, LHC , Higgs Particle, Existence of Soul / GOD )

कानपुर। विज्ञान आगे बढ़ा है, वह दुनिया के कई रहस्य को जान चुका है, लेकिन उसके सामने है एक और दूनिया के रहस्य की। जिसके कई संकेत मिले हैं, कई तथ्य भी मिले है, लेकिन इसका तानाबाना अभी रहस्य बना हुआ है।
आईआईटी में गुरुवार को शुरू हुई टेककृति का उद्घाटन करते हुए। सर्च फॉर एक्स्ट्रा टेरेस्ट्रियल इंटेलिजेंस के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. एच. पॉल शुक ने कही। उन्होंने कहा कि दूसरे ग्रह के प्राणियों की मौजूदगी के कई प्रमाण मिले हैं, लेकिन इसके बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं मिली है। इसके लिए शोध की जरूरत है। यह विज्ञान की सबसे रहस्यात्मक और आकर्षक खोज होगी। वैज्ञानिक अब पुनर्जन्म से लेकर कई रहस्य हल करने में जुटे हैं। उन्होंने गिटार के धुनों और लैपटाप के जरिये इस दुनिया से परे किसी दुनिया की मौजूदगी का भरोसा भी दिलाया।
नोबल विजेता प्रो. डगलस ओ'श्राफ ने छात्रों को विज्ञान की नयी चुनौतियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि परमाणु से आगे की खोज शुरू हो गयी है। अब इसे मानवजीवन के लिए उपयोगिता पर जोर देना चाहिए। उन्होंने आईआईटी जैसे संस्थानों की उपयोगिता भी बतायी। आईआईटी के निदेशक प्रो संजय गोविंद धांडे ने कहा कि विज्ञान के जरिये मानव जीवन को नयी दिशा देनी है तो कड़ी मेहनत करें।
वीडियो कांफ्रेंसिंग से गुरुमंत्र : सर्न के डायरेक्टर जनरल सैफ डाइटर ह्यूअर ने विद्यार्थियों को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये संबोधित किया। परमाणु से आगे के विज्ञान के बारे में बताया। मास्टर बिग एक्सपेरिमेंट ऑफ स्माल पार्टिकल के नाम से पहचान रखने वाले ह्यूंअर ने विज्ञान की सामाजिक चुनौतियों पर छात्रों को गुरुमंत्र दिये।

Source : http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_6177660.html

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